Monday, 30 September 2019

शाबर मंत्र द्वारा रोग उपचार shabar mantra or rog upchar

शाबर मंत्र द्वारा रोग निवारण
Astha Jyotish asansol
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Shabar Mantra dwara Rog Nivaran.
 1. शाबर मंत्र दुर्बलता का इलाज :-

तू है वीर बड़ा हनुमान |
लाल लंगोटी मुख में पान |
ऐर भगावै |
बैर भगावै |
अमुक में शक्ति जगावै |
रहे इसकी काया दुर्बल |
तो माता अंजनी की आन |
दुहाई गौरा पार्वती की |
दुहाई राम की |
दुहाई सीता की |
ले इसके पिण्ड की खबर |
ना रहे इसमें कोई कसर |

यदि कोई अकारण ही दुर्बल होता जा रहा हो और कारण समझ में नहीं आये तो इस मंत्र का 7 बार जाप करते हुए प्रत्येक मंत्र के बाद रोगी पर फूँक लगाए और यही रोगी स्वयं करता है तो रोगी खुद को फूक लगाए इसके साथ ही रोगी को हनुमान जी के मंदिर में हनुमान जी की प्रतिमा से उनके चरणों का सिन्दूर लाकर तिलक भी करें | रोगी किसी भी रोग से पीड़ित हो उसे स्वास्थ्य लाभ अवश्य मिलेगा ||
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⇒ || रोग, भूत- प्रेत और किये- कराये में प्रभावशाली मंत्र ||

2.शाबर मंत्र, नाभि का उखड़ना :

ॐ नमो नाड़ी नाड़ी |
नौ से नाड़ी |
बहत्तर कोठा |
चलै अगाड़ी |
डिगै न कोठा |
चले नाड़ी रक्षा करे यती हनुमन्त कि आन |
शब्द साँचा |
पिंड काँचा |
फुरे मंत्र ईश्वरोवाचा |
आप एक पीला बाँस ले ले जिसमे 9 गाँठें हो | अब रोगी को जमीन पर लिटा दे और उसकी नाभि के ऊपर यह बाँस खड़ा करके इस मंत्र का जाप करते हुए बाँस के छेद में जोर – जोर से फूंक मरते रहे इस प्रकार करने से उखड़ी हुई नाभि तुरंत ठीक हो जाती है ||

 3. शाबर मंत्र, बवासीर का निवारण :

ॐ काका कता क्रोरी कर्ता |
ॐ करता से होय |
यरसना दश हूंस प्रकटे |
खूनी बादी बवासीर न होय |
मंत्र जान के न बताये |
द्वादश ब्रह्म हत्या का पाप होय |
लाख जप करे तो उसके वंश में न होय |
शब्द साँचा |
पिण्ड काँचा |
हनुमान का मंत्र साँचा |
फुरो मंत्र ईश्वरोवाचा

रात को पानी एक बर्तन में रख दे, सुबह होने पर उस पानी को ऊपर दिए मंत्र से 21 बार अभिमंत्रित करके गुदा प्रक्षालन करें | ऐसा करने से बवासीर कैसी भी हो शीघ्र ही ठीक हो जाती है ||

 4. शाबर मंत्र, मासिक पीड़ा का निवारण :

ॐ नमो आदेश मनसा माता का |
बड़ी – बड़ी अदरख |
पतली पतली रेश |
बड़े विष के जल फाँसी दे |
शेष गुरु का वचन न जाये खाली |
पिया पंच मुंड के बाम पद ठेली |
विषहरी राई की दुहाई |

थोड़ी सी अदरख लेकर इस मंत्र से सात बार फूंककर मासिक धर्म में होने वाली पीड़ाओं से ग्रसित स्त्री को खिलाने से मासिक पीड़ा शांत हो जाती है ||


श्री
रामचंद्र सिंह गुरु का |
तोडूं गाँठ ओंगा ठाली |
तोड़ दूँ लाय |
तोड़ दूँ सरित |
परित देकर पाय |
यह देख हनुमन्त दौड़कर आये |
अमुक की देह शांति पाय |
रोग कूँ वीर भगाये |
रोग न नसै तो नरसिंह की दुहाई |
फुरे हुकुम खुदाई |

किसी पान वाले से एक सादा पान बनवा कर इस मंत्र का उच्चारण करते हुए सात बार इस पान को अभिमंत्रित कर ले | और इसे अब रोगिणी को खिला दे ऐसा करने से रोगिणी का अनियमित मासिक धर्म ठीक और नियमित समय पर होने लगता है ||

 6. शाबर मंत्र, रोग(रोग समझ न आने पर ) निवारण :-

ॐ नमो आदेश गुरु का |
काली कमली वाला श्याम |
उसको कहते है घनश्याम |
रोग नाशे |
शोक नाशे |
नहीं तो कृष्ण की आन |
राधा मीरा मनावे |
अमुक का रोग जावे |

जब यह समझ में नहीं आये की वास्तव में रोगी किस रोग से पीड़ित है तो इस मंत्र का जाप करते हुए रोगी को झाड़ा दे | रोगी को अवश्य लाभ मिलेगा ||

7.शाबर मंत्र, कमर दर्द निवारण :

चलता जाये |
उछलता जाये |
भस्म करन्ता |
डह डह जाये |
सिद्ध गुरु की आन |
महादेव की शान |
शब्द साँचा |
पिंड काँचा |
फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा |

इस मंत्र से रोगी को झाड़ा दे | इसके बाद एक कला धागा लेकर रोगी के सर से पाँव तक नापकर अलग कर ले और इस मंत्र को 21 बार पढ़े और हर मंत्र के साथ जहां मंत्र में फुरो शब्द आता है वहां दागे पर फूंक लगते जाये | इसके बाद इस दागे को रोगी को धारण करवा दे | ऐसा करने से रोगी को दर्द से शीघ्र मुक्ति मिल जाएगी ||

 8. शाबर मंत्र, आँख के दर्द का निवारण :-

ॐ नमो आदेश गुरु का |
समुद्र |
समुद्र में खाई |
इस (मरद) की आँख आई |
पाकै, फूटे न पीड़ा करे |
गुरु गोरख की आज्ञा करें |
मेरी भक्ति |
गुरु की शक्ति |
फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा

मंत्र प्रयोग विधि :-
नमक की सात डली लेकर इस मंत्र का उच्चारण करते हुए सात बार झाड़ा करें तो नेत्रों (आँख) की पीड़ा दूर हो जाती है ( मंत्र में “मरद” की जगह आप रोगी भी कह सकते है या आप रोगी का नाम भी ले सकते है ||

 9. शाबर मंत्र, दांत-दाढ़ के दर्द का उपाय :-

ॐ नमो आदेश गुरु का |
बन में ब्याई अञ्जनी |
जिन जाया हनुमंत |
कीड़ा मकुड़ा माकड़ा |
ये तीनों भस्मन्त |
गुरु की शक्ति |
मेरी भक्ति |
फुरे मंत्र ईश्वरो वाचा |

मंत्र प्रयोग विधि: – एक नीम की टहनी लेकर दर्द के स्थान पर छुआते हुए इस मंत्र को सात बार जपें | इस प्रकार करने से रोगी का दांत या दाढ़ का दर्द समाप्त हो जायेगा और पीड़ित व्यक्ति अपने दर्द में आराम की अनुभूति करेगा |

 10. शाबर मंत्र, समस्त रोग निवारण :-

वन में बैठी वानरी |
अंजनी जायो हनुमन्त |
बाल डमरू ब्याही बिलाई |
आँख कि पीड़ा |
मस्तक कि पीड़ा |
चौरासी बाई |
बलि बलि भस्म हो जाय |
पके न फूटे |
पीड़ा करें तो गोरखयती रक्षा करें |
गुरु कि शक्ति |
मेरी भक्ति |
फुरे मंत्र ईश्वरो वाचा |

इस मंत्र को 108 बार जाप करते हुए रोगी को झाड़ा देने से रोगी के समस्त रोग नष्ट हो जाते है ||

 ⇒ ||सभी रोग दूर करने का प्रभावशाली मंत्र व प्रयोग विधि ||

Tuesday, 24 September 2019

नवरात्री कब मनाएं 2019


नावरात्री 2019
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इस वर्ष नवरात्री 2019 का समय शारणी ईस प्रकार है ।
 मां की पूजा सभी दिन होगी, जिससे भक्तों को शुभ फल प्राप्त हो सकेगा। इस बार तिथि का क्षय नहीं है। 8 अक्टूबर को विजयादशमी है इसी दिन नवरात्रि पूजन का समापन होगा। नवरात्र में लोग अपने घरों में कलश की स्थापना करते हैं। मिथिला पंचांग के अनुसार 29 सितंबर यानी नवरात्र के पहले दिन रात 10.11 मिनट तक प्रतिपदा है। जिस कारण कलश स्थापना का लंबा समय मिलेगा। यानी कि नवरात्रि के पहले दिन कभी भी कलश की स्थापना की जा सकती है। लेकिन कलश स्थापना के लिए प्रात:काल का समय सबसे उत्तम रहेगा।
शरद नवरात्रि की तिथियां :
नवरात्रि दिन पहला (प्रतिपदा), 29 सितंबर 2019 (रविवार) – घटस्थापना, मां शैलपुत्री पूजा।
नवरात्रि दिन दूसरा (द्वितीया), 30 सितंबर 2019 (सोमवार) – मां ब्रह्मचारिणी पूजा।
नवरात्रि दिन तीसरा (तृतीया), 1 अक्टूबर 2019, (मंगलवार) – मां चंद्रघंटा पूजा।
नवरात्रि दिन चौथा (चतुर्थी), 2 अक्टूबर 2019 (बुधवार) – मां कूष्मांडा पूजा।
नवरात्रि दिन पांचवा (पंचमी), 3 अक्टूबर 2019 (गुरुवार) – मां स्कंदमाता पूजा।
नवरात्रि दिन छठा (षष्ठी‌), 4 अक्टूबर 2019 (शुक्रवार) – मां कात्यायनी पूजा।
नवरात्रि दिन सातवां (सप्तमी), 5 अक्टूबर 2019 (शनिवार) – मां कालरात्रि पूजा।
नवरात्रि दिन आठवां (अष्टमी), 6 अक्टूबर 2019, (रविवार) – मां महागौरी, दुर्गा महा अष्टमी पूजा, दुर्गा महा नवमी पूजा
नवरात्रि दिन नौवां (नवमी), 7 अक्टूबर 2019, (सोमवार) – मां सिद्धिदात्री नवरात्रि पारणा।
नवरात्रि दिन दसवां (दशमी), 8 अक्टूबर 2019, (मंगलवार) – दुर्गा विसर्जन, विजय दशमी।
 *जय माता दी *
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[17/09, 7:13 pm] Astha Jyotish*V.Guru *Mk*: अगर आप व्यक्तिगत रूप से या फोन पर #Astrologer Vastu Guru-Mkpoddar से अपनी समस्याओं को लेकर बात करना चाहते हैं, अपनी नई जन्म पत्रिका बनवाना चाहते हैं या अपनी जन्म पत्रिका दिखाकर उचित सलाह चाहते हैं, अपने घर या ऑफिस का वास्तु ठीक करना चाहते हैं, भवन निर्माण संबंधी वास्तु  सर्विस चाहते हैं तो संस्थान द्वारा निर्धारित फीस/शुल्क अदा कर के आप बात कर सकते हैं। कृपया #निशुल्क: ज्योतिष-वास्तु परामर्श । और
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Tuesday, 3 September 2019

जादू टोने टोटके दूर करने के उपाय

जादू-टोने टोटके दूर करने के उपाय
*आस्था ज्योतिष, Vastu Master M.poddar जी को व्हाट्सप करें अपनी समस्या हमें
लिख कर भेंजें 9333112719 पर ।

गाय के घी, पीली सरसो, कपूर तथा गुग्गल का धूप बनाकर सूर्यास्त के समय गाय के गोबर से बने उपलों की सहायता से जलाएं। यह धुनी 21 दिनों तक घर में दे । यह घर से नकारात्मक शक्तियों को दूर करने में रामबाण ईलाज है |
2 केसर, गायत्री तथा जावित्री को कूटकर चूर्ण बना लें तथा उसमें गुग्गल मिश्रित कर प्रातः काल तथा संध्या काल निरंतर 21 दिनों तक घर में धूप दें
3 चार गोमती चक्र लेकर शुक्ल पक्ष के बुधवार को पीड़ित व्यक्ति के ऊपर उतारकर चारो दिशा में फेंक दें।घर में हनुमान चालीसा की चमत्कारी चौपाइयो का सुबह और शाम पीड़ित के सामने पाठ करे
4.नियमित रूप से अपने घर में गौ मूत्र और गंगा जल छिड़कैं।
5.घर के बगीचे में आक तथा तुलसी का पौधा लगाएं।6.नित्य गणेश जी को एक साबुत सुपारी अर्पित करें तथा गरीब को कटोरी भर अन्न दान करें।
7.रविवार के दिन काले धतूरे की जड़ ले और उसका ताबीज बनाकर पीड़ित व्यक्ति को पहनाये
8.लहसून के रस में हींग मिलाकर पीड़ित को सुंघा दें।पीड़ित व्यक्ति को नारायण कवच का पाठ कराये। हमारे ब्लॉग पर  और देखें
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 किसी भी प्रकार के टोने टोटको से परेशान व्यक्ति Vastu Guru (M poddar) जी से सम्पर्क कर उपाय ले सकते है
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व्हाट्सप 9333112719.

Thursday, 29 August 2019

लड़का कैसे पैदा हो चमत्कार घड़ेलु उपाय

लडक़ा पैदा करने के लिए जरूरी है इसके बारे में जानना पढें और समझें कैसे सफल होंगे ।
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सुक्राणु दो टाइप के होते है जिन्हें साइंस की भाषा में क्रोमोजोम (chromosome) कहते है जो X क्रोमोजोम और Y क्रोमोजोम होते है पुरुष में ये दोनों तरह के X और Y क्रोमोजोम पाए जाते है जबकि स्त्री के अंडाशय में केवल दो XX क्रोमोसोम ही होते हैं जब सम्भोग के बाद पुरुष के वीर्य का Y क्रोमोजोम महिला के अंडे (eggs) से मिलता है तब लड़का पैदा होता है और यदि गर्भाधान के समय यदि स्त्री के  X क्रोमोसोम पुरुष के X क्रोमोसोम से मिल जाये तो लड़की का जन्म होता है।

इस सर्वमान्य वैज्ञानिक तथ्य से यह साबित होता है की लड़की या लड़के के जन्म के लिए पुरुष ही जिम्मेदार होता है। किसी स्त्री को लड़के को जन्म न देने के लिए दोषी ठहराना सर्वथा अनुचित है।

पुत्र प्राप्ति के लिए गर्भ धारण करने का तरीका ।
पीरियड (Period) की सही गिनती करें मासिक धर्म (Period) शुरू होने वाले दिन को पहला दिन गिनना चाहिए।

पुत्र प्राप्ति के लिए मासिक धर्म (Period) शुरू होने वाले दिन से गिन कर चौथी, छठी, 8वीं, 10वीं, 12वीं, 14वीं और 16वीं रात को सम्भोग करना चाहिए।

जबकि पुत्री प्राप्ति के लिए 5वीं, 7वीं, 9वीं, 11वीं, 13वीं तथा 15वीं रात को सम्भोग करना चाहिए।

अगर आपका मासिक धर्म (Period 10 April) को रात 9 बजे शुरू हुआ है तो 11 April को रात 9 बजे आपके मासिक धर्म का एक दिन पूरा होगा।
ध्यान रखें, आप 11 April को दूसरा दिन न गिनें। पीरियड शुरू होने के 24 घंटे के बाद हीं दूसरा दिन गिनें।
अगर आपको बेटा चाहिए तो जबतक गर्भ ठहर नहीं जाता है, तबतक 5वीं, 7वीं, 9वीं, 11वीं, 13वीं तथा 15वीं रात को Sex नहीं करें।
उसी तरह अगर आपको बेटी चाहिए तो चौथी, छठी, 8वीं, 10वीं, 12वीं, 14वीं और 16वीं रात को गर्भधारण होने से पहले Sex न करें।
आपकी गिनती में 1 भी घंटे की गलत नहीं होनी चाहिए। गलत गिनती आपको इच्छित परिणाम प्राप्त नहीं होने देगी।
जाने: जल्दी और आसानी से गर्भवती होने के तरीके।
लड़का पैदा करने के घरेलू उपाय है पेय पदार्थ

पुत्र की प्राप्ति के लिए स्त्री के साथ संभोग करने से 15 से 30 मिनट पहले 2-3 कप चाय या तेज कॉफी पीनी चाहिए। ऐसा इसलिए करना चाहिए ताकि लड़का पैदा करने के लिए जरूरी Y शुक्राणुओं की गति तेज हो सके और उनके जिंदा रहने की शक्ति बनी रहती है। इसी तरह लड़का पैदा करने के लिए स्त्री को भी संभोग करने से पहले कॉफी का सेवन करना चाहिए। अगर महिला न ले पाए तो पुरुष को तो कॉफी आदि पी ही लेनी चाहिए। संभोग करने के बाद स्त्री को ठंडा पानी पीना चाहिए।

संभोग के समय आसन –

लड़के की प्राप्ति के लिए पुरुष को अपने लिंग को पत्नी के पीछे से योनि में प्रवेश कराना चाहिए इससे शुक्राणु सीधे गर्भाशय के द्वार पर पहुच जाते है। महिला के गर्भाशय का मार्ग योनि की अपेक्षा अधिक क्षारीय होता है। योनि मार्ग में मौजूद अम्लीय वातावरण के कारण ही पुरुष के (y) शुक्राणु नष्ट हो जाते है।

बार-बार संभोग करना है लड़का पैदा करने के घरेलू उपाय

लडका पैदा करने के लिए स्त्री और पुरुष दोनों को ऊपर बताये गए दिनों के अनुसार संभोग करना चाहिए यानि की एक रात में कम से कम 2-3 बार तो इस क्रिया को करना ही चाहिए। ऐसा करने पर शुक्राणुओं की संख्यां में बढ़ोतरी होती है और (Y) शुक्राणुओं को लाभ मिलता है जिससे पुरुष का y और महिला का x सुक्राणु मिलकर पुत्र का निर्माण प्रारंभ करते हैं।

लड़का पैदा करने के घरेलू उपाय में सामिल है काम-उत्तेजना

यदि पति और पत्नी दोनों संतान के रूप में पुत्र पैदा करना चाहते हैं तो लड़का पैदा करने के लिए संभोग क्रिया करते समय पुरुष के संतुष्ट होने से पहले पत्नी को उत्तेजना की चरमसीमा (चरम शुख ) पर पहुंचना चाहिए। ऐसा अगर संभोग करते समय हर बार हो तो यह लड़का पैदा होने की संभावना को बढ़ा देता है।

लड़के की चाह है तो रहे तनाव मुक्त /
पति और पत्नी को अगर लड़के की चाहत है तो उन दोनों को संभोग करते समय दोनों को तनाव मुक्त रहना चाहिए और अपना सारा ध्यान संभोग क्रिया पर लगाना चाहिए। न की बच्चे के बारे में सोचने में क्योकि यह पल आपके लिए भी खास होता है जिसका पूरा आनदं आपको लेना चाहिए।


Saturday, 24 August 2019

Morning motivation

आज कल  भागदौड जीवन इतना व्यस्त हो गई है कि हम अपने खुद के लिये समय नहीं निकाल पा रहे हैं ।
हम बताने जा रहे हैं:-
                           सुफ़ूर्ती कैसे लायें अपने जीवन में ।
आप शुबह सोकर उठते ही, सबसे पहले (बेड)विस्तर पर बैठ कर पूरब की ओर मुख करें और अपने दौनों
हाथ से अपने दौनों आंख को बंद करें, और आप सूर्य की प्रतिबिम्व को अपनी मन में कल्पना करें । की सूर्य की रोशनी आपके भीतर प्रवेश कर रही है । ये कर्म रोज 1 मिनट करें। आपमें नई ऊर्जा आयेगी और आप पुरा दिन ऊर्जावान रहेगे।
                           पसंद आये तो दोस्तों में share जरुर करें । om shanti******

Thursday, 22 August 2019

तन्त्र जड़ी से बदल जायेगी आपकी किस्मत tantra or kismat

Vastu Master Mkpoddar........
आयुर्वेद के अलावा भारत की स्थानीय संस्कृति में कई चमत्कारिक पौधों के बारे में पढ़ने और सुनने को मिलता है। कहते हैं कि एक ऐसी जड़ी है जिसको खाने से जब तक उसका असर रहता है, तब तक व्यक्ति गायब रहता है। एक ऐसी भी जड़ी-बूटी है जिसका सेवन करने से व्यक्ति को भूत-भविष्‍य का ज्ञान हो जाता है। कुछ ऐसे भी पौधे हैं जिनके बल पर स्वर्ण बनाया जा सकता है। इसी तरह कहा जाता है कि धन देने वाला पौधा जिनके भी पास है, वे धनवान ही नहीं बन सकते बल्कि वे कई तरह की चमत्कारिक सिद्धियां भी प्राप्त कर सकते हैं।
क्या सचमुच होते हैं इस तरह के पौधे व जड़ी-बूटियां जिनको घर या आंगन में लगाने से आपके बुरे दिन समाप्त और अच्छे दिन शुरू हो सकते हैं? कई शास्त्रों में यह पढ़ने को मिलता है कि जड़ी-बूटियों के माध्यम से धन, यश, कीर्ति, सम्मान आदि सभी कुछ पाया जा सकता है। हो सकता है कि आपके आसपास ही हो इसी तरह की जड़ी बूटियां। यदि आप इन्हें घर में ले आएं तो आपको हर तरह की सुख और सुविधाएं प्राप्त हो सकती हैं।

दरअसल, हम आपको बता रहे हैं ऐसे पौधों की जड़ों के बारे में जिनके प्रयोग से आपकी किस्मत बदल सकते हैं। हालांकि यह जड़े किसी जानकार से पूछकर ही घर में लाएं। यहां जो जानकारी दी जा रही है वह भिन्न भिन्न स्रोत से एकत्रित की गई है। हालांकि इसमें कितनी सचाई है यह बताना मुश्किल है। अगले पन्ने पर जानिये इन जड़ों के बारे में...

* बहेड़ा की जड़:- पुष्य नक्षत्र में बहेड़ा वृक्ष की जड़ तथा उसका एक पत्ता लाकर पैसे रखने वाले स्थान पर रख लें। इस प्रयोग से घर में कभी भी दरिद्रता नहीं रहेगी। इसके अलावा पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में बेहड़े का पत्ता लाकर घर में रखें, घर पर ऊपरी हवाओं के प्रभाव से मुक्त रहेगा।

*मंगल्य : मंगल्य नामक जड़ी भी तांत्रिक क्रियानाशक होती है।

* धतूरे की जड़:- धतूरे की जड़ के कई तां‍त्रिक प्रयोग किए जाते हैं। इसे अपने घर में स्थापित करके महाकाली का पूजन कर 'क्रीं' बीज का जाप किया जाए तो धन सबंधी समस्याओं से मुक्ति मिलती है।
* धतूरे की जड़ : अश्लेषा नक्षत्र में धतूरे की जड़ लाकर घर में रखें, घर में सर्प नहीं आएगा और आएगा भी तो कोई नुकसान नहीं पहुंचाएगा।
* काले धतूरे की जड़:- इसका पौधा सामान्य धतूरे जैसा ही होता है, हां इसके फूल अवश्य सफेद की जगह गहरे बैंगनी रंग के होते हैं तथा पत्तियों में भी कालापन होता है। इसकी जड़ को रविवार, मंगलवार या किसी भी शुभ नक्षत्र में घर में लाकर रखने से घर में ऊपरी हवा का असर नहीं होता, सुख -चैन बना रहता है तथा धन की वृद्धि होती है।

* मदार की जड़:- रविपुष्प नक्षत्र में लाई गई मदार की जड़ को दाहिने हाथ में धारण करने से आर्थिक समृधि में वृद्धि होती हैं।
* मदार की जड़:- रविपुष्प में उसकी मदार की जड़ को बंध्या स्त्री भी कमर में बंधे तो संतान होगी।
* मदार की जड़:- कोर्ट कचहरी के मामलों में विजय हेतु आर्द्रा नक्षत्र में आक की जड़ लाकर तावीज की तरह गले में बांधें।

* हत्था जोड़ी:- हत्था जोड़ी का मुकदमा, शत्रु संघर्ष, दरिद्रता आदि के निवारण में इसका प्रयोग किया जाता है। तांत्रिक विधि में इसके वशीकरण के उपयोग किए जाते हैं। सिद्ध करने के बाद इसे लाल रंग के कपड़े में बांधकर घर में किसी सुरक्षित स्थान में अथवा तिजोरी में रख दिया जाता है। इससे आय में वृद्घि होती है और सभी तरह के संकटों से मुक्ति मिलती है।

* बेला की जड़:-विवाह की समस्या दूर करने के लिए बेला के फूलों का प्रयोग किया जाता है। इसकी एक और जाति है जिसको मोगरा या मोतिया कहते हैं। बेला के फूल सफेद रंग के होते हैं। मोतिया के फूल मोती के समान गोल होते हैं। महिला को गुरु की जड़ और पुरुष को शुक्र की जड़ अपने पास रखनी चाहिए।

* चमेली की जड़:- अनुराधा नक्षत्र में चमेली की जड़ गले में बांधें, शत्रु भी मित्र हो जाएंगे। विष्णुकांता का पौधा भी शत्रुनाशक होता है।
* चंपा की जड़:- हस्त नक्षत्र में चंपा की जड़ लाकर बच्चे के गले में बांधें। इस उपाय से बच्चे की प्रेत बाधा तथा नजर दोष से रक्षा होगी।
* शंखपुष्पी की जड़:- शंखपुष्पी की जड़ रवि-पुष्य नक्षत्र में लाकर इसे चांदी की डिब्बी में रख कर घर की तिरोरी में रख लें। यह धन और समृद्धि दायक है।
* तुलसी की जड़:- पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र में तुलसी की जड़ लाकर मस्तिष्क पर धारण करें। इससे अग्निभय से मुक्ति मिलेगी।
* दूधी की जड़:- सुख की प्राप्ति के लिए पुनर्वसु नक्षत्र में दूधी की जड़ लाकर शरीर में लगाएं।
* नीबू की जड़:- उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में नीबू की जड़ लाकर उसे गाय के दूध में मिलाकर निःसंतान स्त्री को पिलाएं। इस प्रयोग से उसे पुत्र की प्राप्ति होगी।
* अधीक जानकारी के लिये wp.9333112719 कारें ।

Wednesday, 21 August 2019

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रत्न धारण कैसे करें?

Jyotishgurumk बृहद संहिता पुराणों पर आधारित आचार्य वाराहमिहिर द्वारा स्वरचित सुन्दर ग्रन्थ है। वाराहमिहिर के इस ग्रन्थ में रत्नों की उत्पत्...