ज्योतिष और वास्तु समाधान जैसे दुकान,ऑफ़िस,फ़ैक्ट्री,बिवाह में देरी ,शिक्षा,प्रेम बाधा, मांगलिक दोष, कोट केस, भुत प्रेत बाधा, इत्यादि,। Numerology, raki hiling, color therapy द्वारा समाधान सम्भव है । आप अपनी जन्म तिथि और जन्म तारीख़ और जन्म स्थान बता कर समस्या का समाधान पा सकते हैं । हमारे WhatsApp no. 9333112719 पर संपर्क कर सकते हैं ।
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Tuesday, 17 February 2026
आपका Personal Year क्या है? 30 सेकंड में कैल्कुलेट करें।
Jyotishgurumk
2026 की सटीक भविष्यवाणी: अंक ज्योतिष से जानें कैसा रहेगा आपका भविष्य फल।
नमस्कार दोस्तों, मैं हूँ Astro Manoj।
क्या 2026 आपके लिए वह 'लकी' साल साबित होने वाला है जिसका आप लंबे समय से इंतजार कर रहे थे? हर नया साल ब्रह्मांड की एक नई ऊर्जा और नई उम्मीदें लेकर आता है। लेकिन वैदिक अंक ज्योतिष (Vedic Numerology) के अनुसार, 2026 आपके व्यक्तिगत जीवन के लिए क्या संकेत दे रहा है, यह आपके "पर्सनल ईयर" (Personal Year) और "अंतरदशा" की गणना पर निर्भर करता है।
अक्सर लोग केवल सामान्य भविष्यफल देखते हैं, लेकिन यह पद्धति आपके जन्म की तारीख और उस विशेष दिन (वार) के आधार पर काम करती है, जिससे परिणाम कहीं अधिक सटीक हो जाते हैं। आइए जानते हैं कि आप खुद घर बैठे अपनी गणना कैसे कर सकते हैं।
वह अनोखा सूत्र: अपनी 'अंतरदशा' और 'पर्सनल ईयर' कैसे निकालें?
अंक ज्योतिष का यह विशेष सूत्र "जन्म वार" (Birth Weekday) को जोड़ने के कारण बहुत प्रभावशाली माना जाता है। अपनी गणना करने के लिए आपको नीचे दिए गए अंकों को जोड़ना होगा:
गणना की विधि:
1. जन्म का दिन: अपनी जन्म तिथि के अंकों का योग।
2. जन्म का महीना: अपने जन्म के महीने का अंक।
3. लक्ष्य वर्ष (2026): यहाँ हम केवल वर्ष के अंतिम दो अंकों (26) का उपयोग करेंगे, यानी 2+6 = 8।
4. जन्म वार का अंक: जिस दिन आपका जन्म हुआ, उसका निर्धारित अंक नीचे दी गई तालिका से लें:
* रविवार (Sunday) = 1 और 4
* सोमवार (Monday) = 2 और 7
* मंगलवार (Tuesday) = 9
* बुधवार (Wednesday) = 5
* गुरुवार (Thursday) = 3
* शुक्रवार (Friday) = 6
* शनिवार (Saturday) = 8
एक उदाहरण से समझें: मान लीजिए किसी व्यक्ति की जन्म तिथि 12/02/1999 है और उनका जन्म शुक्रवार (Friday) को हुआ था। वे 2026 के लिए अपनी दशा जानना चाहते हैं।
* (जन्म दिन): 1 + 2 = 3
* (जन्म महीना): 0 + 2 = 2
* (साल 2026 के अंक): 2 + 6 = 8
* (जन्म वार - शुक्रवार): 6
कुल योग: (3) + (2) + (8) + (6) = 19 इसे एकल अंक (Single Digit) में बदलें: 1 + 9 = 10 -> 1 + 0 = 1
इस प्रकार, इस व्यक्ति का पर्सनल ईयर 1 बना।
सूर्य का प्रभाव: पर्सनल ईयर 1 का भविष्य फल
यदि आपकी गणना का कुल योग '1' आता है, तो यह "सूर्य का वर्ष" है। वैदिक ज्योतिष में सूर्य को ग्रहों का राजा और आत्मा का कारक माना गया है। पर्सनल ईयर 1 का मतलब है कि आप एक नए 9-साल के चक्र में प्रवेश कर रहे हैं। यह समय अपनी 'ऊर्जा' (Energy) को केंद्रित करने और पुराने डर को छोड़कर नेतृत्व संभालने का है।
"सूर्य महादशा में सूर्य अंतरदशा चल रही है — और यह साल जातक के लिए शुभ संकेत देता है।"
यदि आपका पर्सनल ईयर 1 है, तो 2026 में आप मानसिक रूप से अधिक सशक्त महसूस करेंगे। यह साल आपके भीतर के 'संकल्प' को जगाने और सफलता की नई इबारत लिखने के लिए श्रेष्ठ है।
1 से 9 तक के अंकों का भविष्यफल नीचे देखें।
2026 में आपका पर्सनल ईयर अंक आपकी मानसिकता और परिस्थितियों को किस तरह प्रभावित करेगा, आइए विस्तार से जानते हैं:
* पर्सनल ईयर 1: नई शुरुआत – यह साल नेतृत्व और आत्मविश्वास का है। मानसिक रूप से आप नए जोखिम लेने और अपनी पहचान बनाने के लिए पूरी तरह तैयार रहेंगे।
* पर्सनल ईयर 2: सहयोग और संबंध – आपकी मानसिकता दूसरों के प्रति संवेदनशील रहेगी। यह साल अकेले चलने का नहीं, बल्कि साझेदारी और रिश्तों में तालमेल बिठाने का है।
* पर्सनल ईयर 3: क्रिएटिविटी – आपकी रचनात्मक ऊर्जा चरम पर होगी। आप खुद को अभिव्यक्त करने के नए तरीके खोजेंगे और सामाजिक दायरे में आपकी लोकप्रियता बढ़ेगी।
* पर्सनल ईयर 4: मेहनत – यह अनुशासन का साल है। आपकी सहनशक्ति की परीक्षा होगी; ध्यान रखें कि इस साल कोई भी शॉर्टकट काम नहीं आएगा, केवल ठोस योजना ही सफल होगी।
* पर्सनल ईयर 5: बदलाव – जीवन में अनपेक्षित मोड़ आ सकते हैं। आप मानसिक रूप से स्वतंत्रता और रोमांच की तलाश में रहेंगे, जिससे यात्रा या करियर में बड़े बदलाव संभव हैं।
* पर्सनल ईयर 6: परिवार और जिम्मेदारी – आपका ध्यान घर और अपनों पर केंद्रित रहेगा। यह अपनी जिम्मेदारियों को निभाने और पारिवारिक सुख-शांति को प्राथमिकता देने का समय है।
* पर्सनल ईयर 7: आध्यात्म – आप भीड़भाड़ से दूर एकांत की तलाश करेंगे। आत्म-चिंतन और गहन अध्ययन के लिए यह साल बेहतरीन है, जहाँ आप जीवन के गहरे रहस्यों को समझेंगे।
* पर्सनल ईयर 8: धन और करियर – यह कर्मों के फल का साल है। आर्थिक उन्नति और करियर में सत्ता हासिल करने की तीव्र इच्छा आप पर हावी रहेगी; आपकी मेहनत का परिणाम धन के रूप में दिखेगा।
* पर्सनल ईयर 9: समापन – यह सफाई का साल है। जो चीजें अब आपके काम की नहीं हैं (चाहे वे विचार हों या रिश्ते), उन्हें छोड़कर नए चक्र के लिए जगह बनाने की मानसिकता बनी रहेगी।
अंक ज्योतिष हमें केवल भविष्य नहीं बताता, बल्कि हमें आने वाली चुनौतियों के लिए मानसिक रूप से तैयार करता है। जब आप अपनी 'अंतरदशा' को जान लेते हैं, तो आप अपनी ऊर्जा को सही दिशा में प्रवाहित कर सकते हैं। 2026 का साल हर किसी के लिए एक अलग सबक लेकर आ रहा है—चाहे वह अंक 1 की नई शुरुआत हो या अंक 8 की भौतिक सफलता।
आपका पर्सनल ईयर कौन सा आया? क्या आप 2026 के इन बदलावों के लिए तैयार हैं?
अपनी गणना नीचे कमेंट बॉक्स में साझा करें और हमें बताएं कि आप इस साल क्या नया शुरू करने वाले हैं। ऐसी ही सटीक ज्योतिषीय जानकारियों के लिए चैनल सबस्क्राइब करें और लाईक शेयर करें और हमारे साथ जुड़े रहें ।
धन्यवाद! 🙏
Tuesday, 18 February 2025
राशि अनुसार विवाह के उपाय, तुरंत बनेंगे विवाह के योग।
आप में से कई लोग ऐसे होंगे, जो विवाह तो करना चाह रहे हैं लेकिन विवाह होने में कोई ना कोई परेशानी बनी रहती है।
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कुछ लोग ऐसे होते हैं,जीवनसाथी तो मिल गया है लेकिन विवाह में समस्या आ रही है। वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जिनके विवाह में ऐन मौके पर कोई ना कोई अड़चन आ रही है,इस वजह से विवाह में देरी हो रही है। शास्त्र के अनुसार, किसी भी जातक की कुंडली में विवाह का कारक भाव *सप्तम भाव* को माना गया है। सप्तम भाव के कारक ग्रह शुक्र और गुरु ग्रह हैं। जब व्यक्ति की कुंडली में शुक्र और गुरु की अवस्था सही नहीं होती है तो विवाह में दिक्कतें आती हैं। इसके अलावा अगर सप्तम भाव राहु, केतु और शनि जैसे पाप ग्रहों का प्रभाव हो तो भी व्यक्ति के विवाह में कोई ना कोई परेशानी रहती है। ऐसे में राशि अनुसार उपाय करेंगे तो आपकी समस्या का जल्द समाधान मिलेगा। जानते हैं शीघ्र विवाह के लिए राशि अनुसार कौन से उपाय करें....
मेष राशि:-
मेष राशि के स्वामी मंगल ग्रह हैं इसलिए मेष राशि के व्यक्ति शिवालय में जाकर *माता गौरी* को गुड़ अर्पित करें और गुड़ के प्रसाद के तौर पर ग्रहण भी कर लें। ऐसे में विवाह के शुभ योग बनने लग जाते हैं।
वृष राशि:-
वृष राशि के स्वामी शुक्र ग्रह हैं इसलिए वृष राशि वाले *माता गौरी *को पीपल का पत्ता अर्पित करें। ऐसा करने से विवाह संबंधी समस्याएं दूर हो जाएंगी और शीघ्र विवाह के योग बनने लग जाएंगे।
मिथुन राशि:-
मिथुन राशि के स्वामी बुध ग्रह हैं इसलिए मिथुन राशि वाले *माता गौरी को हरे रंग* का धागा अर्पित करें और फिर उसको अपने पास रखें। ऐसा करने से योग्य जीवनसाथी मिलेगी और विवाह में आ रही परेशानियां दूर होंगी।
कर्क राशि:-
कर्क राशि के स्वामी चंद्र ग्रह हैं इसलिए कर्क राशि वाले माता गौरी को *पीपल के पत्ते पर सिंदूर* लगाकर अर्पित करें। ऐसा करने से विवाह संबंधी परेशानियां खत्म होंगी और माता गौरी की कृपा से विवाह के शुभ योग भी बनने लग जाएंगे।
सिंह राशि:-
सिंह राशि के स्वामी सूर्यदेव हैं इसलिए सिंह राशि *माता मंगला गौरी को लाल धागा* अर्पित करें और फिर उस धागे को अपने पास रखें। ऐसा करने से विवाह संबंधी समस्या दूर होगी और योग्य जीवनसाथी मिलेगा।
कन्या राशि:-
कन्या राशि के स्वामी बुध ग्रह हैं इसलिए कन्या राशि वाले जातक को *ॐ गौरी शंकराय नमः* मंत्र का सुबह शाम 108 बार जप करें। ऐसा करने से विवाह और वैवाहिक जीवन में जो भी परेशानियां चल रही हैं, वे सभी दूर हो जाएंगी।
तुला राशि:-
तुला राशि के स्वामी शुक्र ग्रह हैं इसलिए तुला राशि के जातक *माता मंगला गौरी को मसूर दाल* अर्पित करें और इसके बाद मसूर दाल के कुछ दाने अपने पास रख लें। ऐसा करने से जिनकी शादी नहीं हो रही है, उनकी शादी जल्द हो जाएगी और दांपत्य जीवन में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।
वृश्चिक राशि:-
वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल ग्रह हैं इसलिए वृश्चिक राशि वाले हर रोज शाम के समय *चमेली के तेल* का दीपक जलाएं। ऐसा करने से विवाह के शीघ्र योग बनने लग जाते हैं।
धनु राशि:-
धनु राशि के स्वामी बृहस्पति ग्रह हैं इसलिए धनु राशि वाले हर रोज *मंगला गौरी स्तोत्र* का पाठ करें। ऐसा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होगी और शादी विवाह में आ रही परेशानियों से मुक्ति मिलेगी।
मकर राशि:-
मकर राशि के स्वामी शनि ग्रह हैं इसलिए मकर राशि वाले किसी शिवालय में जाकर *देवी मंगला गौरी* को *लाल चुनरी* अर्पित करें। ऐसा करने से जीवन में शुभता आएगी और शीघ्र विवाह के योग बनने लग जाते हैं।
कुंभ राशि:-
कुंभ राशि के स्वामी शनि ग्रह हैं इसलिए कुंभ राशि वाले *पान के पत्ते में सिंदूर* लगाकर माता *मंगला गौरी *को अर्पित करें। ऐसा करने से माता की आप पर विशेष कृपा होगी और शादी में आ रही बाधा दूर होंगी।
मीन राशि:-
मीन राशि के स्वामी गुरु ग्रह हैं इसलिए मीन राशि वाले देवी माता के मंदिर में *माता के चरणों में सिंदूर* अर्पित करें। ऐसा करने से समस्याओं से छुटकारा मिलेगा।
किसी भी समस्या के समाधान के लिए सम्पर्क करें व्हाट्सऐप नंबर 9333112719 पर। हमारे प्रसिद्ध ज्योतिष गुरु के द्वारा सटीक मार्गदर्शन देंगे। धन्यवाद 🙏
Wednesday, 19 July 2023
कुंडली में प्रेम संबंध विच्छेद योग
कुंडली में प्रेम संबंध विच्छेद योग
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जन्म कुंडली में प्रेम का शत्रु भाव -:
जन्म कुंडली में पंचम भाव हमारी भावनाओं हमारे रोमांस अर्थात हमारे प्रेम रिलेशनशिप को रिप्रेजेंट करता है या यूं कहें कि हमारे जीवन में प्रेम का उद्गम पंचम भाव से देखा जाता है। जबकि हमें हमारे रिलेशन शिप के बारे में जानना होता है तो हमें पंचम भाव का अध्ययन करना होता है। पंचम भाव से गणना करने पर जन्मकुंडली का टेंन्थ हाउस षष्टम भाव बनता है। तथा षष्टम भाव हमारी शत्रुता का हमारे नेगेटिव एनर्जी का होता है। अतः जब गोचर दशा में दशम भाव का संबंध पंचम भाव से या पंचम भाव के स्वामी के साथ होता है। तो वह समय हमारे प्रेम संबंधों में अलगाववादी स्थिति उत्पन्न करता है। यदि पंचम भाव व दशम भाव के स्वामियो के बीच मित्रता का संबंध होता है तो वह समय थोड़ा बहत डिस्टेंस होकर या मन मुटाव हो कर शांत हो जाता है। किंतु पंचम भाव व दशम भाव के स्वामी आपस में एक दूसरे के शत्रु होते हैं तो उस स्थिति में जब इनका संबंध गोचर में बनता है तो वो रिलेशनशिप में बहुत अधिक दूरियां और नफरत पैदा कर देता है। अतः जब यह गोचर बन रहा हो तो उस समय हमें दशम भाव के स्वामी को डीएक्टिव व पंचम भाव के स्वामी को एक्टिव करने की आवश्यकता होती है। जिससे हम हमारे रिलेशनशिप को बैटर बनाकर रख सकते हैं।
अधिक जानकारी प्राप्त करने हेतु हमें लाईक और शेयर करें whatsapp 9333112719
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